सावित्री व्रत की करूं में पूजा।सुहाग बिन कुछ न मांगू दूजा।।
महा सती देवी सावित्री माता।अखंड सुहाग सौभाग्य दाता।।
अखंड सुहाग का वर देना हे सती।तेरी कृपा…
किस नाम से बुलाऊं तुमको कितने सारे नाम है?
कौन से तीरथ जाऊं मैं कितने सारे धाम है?
मन को मंदिर बनालूं,उसमें तुमको बसा लूं।
मन को मंदिर बनालूं,उसमें तुमक…
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