हे करवा मैया करें पूजा तुम्हारी।
सलामत रहे मां सुहाग हमारी।।
मन के मंदिर में आसन बिछाए।
बड़े सरोकार से तुम को बिठाए।।
श्रद्धा अश्रु से चरण पखारे।
भक्ति सुमन से तुमको सजाए।।
क्षमा करना मां चूक हमारी।
न जाने कुछ अबोध संतान तुम्हारी।।
सलामत रहे ये माथे की बिंदिया।
लाल चुनरी और कांच की चूड़ियां।।
अरज लगाऊं चरणों में तेरी।
रक्षा करना सदा सुहाग को मेरी।।
जय करवा मैया जय हो तुम्हारी।
चांद जैसे चमके सुहाग हमारी।।




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